आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तैयारियों ने अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने गुरुवार को कड़े सुरक्षा घेरे के बीच ईवीएम-वीवीपैट वेयर हाउस का औचक निरीक्षण किया। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वेयर हाउस को आधिकारिक तौर पर सील कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संपन्न हुई ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया की “पारदर्शिता और शुचिता” पर कोई सवाल न उठ सके। वेयर हाउस को सील करने से पहले मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) का काम सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान कंट्रोल यूनिट (CU), बैलेट यूनिट (BU) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की कार्यशीलता को बारीकी से परखा गया ताकि मतदान के समय किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल के तहत ही एफएलसी का कार्य संपन्न कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पूरी मुस्तैदी से पालन किया गया है।” इस संवेदनशील प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित की गई थी ताकि पूरी व्यवस्था निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिद्धार्थ, ईवीएम प्रभारी विकास सिंह और सठियांव सहकारी चीनी मिल के जीएम सहित कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। वेयर हाउस की सुरक्षा को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है और परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की मौजूदगी में होने वाली यह मशीनी जांच चुनावी निष्पक्षता को लेकर जनता का भरोसा बढ़ाती है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
