आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। बेसिक शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिए हो रही ईसीसीई (ECCE) एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं से शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के नाम पर कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सख्त रुख अपनाया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जेम (GeM) पोर्टल के जरिए ईसीसीई एजुकेटर की भर्ती का टेंडर जारी किया गया था। इस भर्ती के तहत लखनऊ की सेवाप्रदाता कंपनी “लीड रिसोर्स सिक्योरिटी एंड मैनपावर सर्विसेज” को एजुकेटरों की तैनाती का जिम्मा सौंपा गया था। व्यवस्था के अनुसार, लॉटरी प्रणाली के जरिए अभ्यर्थियों का प्राथमिक चयन कर उनके इंटरव्यू और शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना था।
लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ते ही इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगने शुरू हो गए। जिले के कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से लिखित शिकायत की। आरोप लगाया गया कि चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच के नाम पर उनसे कथित रूप से धन उगाही की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों और लखनऊ की आउटसोर्सिंग एजेंसी की भूमिका पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस जांच दल में मुख्य कोषाधिकारी, जिला सूचना अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को शामिल किया गया है। जांच समिति को पूरे मामले की निष्पक्षता से पड़ताल कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
आजमगढ़ टाइम्स की पाठकों से अपील: सरकारी और आउटसोर्सिंग भर्तियों में अभ्यर्थियों से वसूली के कथित मामलों पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसी कंपनियों को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपनी बात जरूर रखें।
