Sat, Nov 7, 2026 Updated 08:10 PM IST
अपना इलाका

आज़मगढ़ में 19 साल बाद इंसाफ की घड़ी: प्रधानी की रंजिश में हुए दोहरे हत्याकांड में 8 दोषी करार, आज होगा सजा का बड़ा ऐलान!

1 week पहले

आज़मगढ़: जनपद के रानी की सराय थाना क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ लगभग दो दशक पुराने चर्चित दोहरे हत्याकांड में इंसाफ की घड़ी आ गई है। प्रधानी चुनाव की खूनी रंजिश में हुई दो हत्याओं के मामले में अदालत ने अपना कड़ा रुख अपनाते हुए आठ आरोपियों को हत्या का दोषी पाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर-1) कमलापति की अदालत आज यानी 29 अक्टूबर को इन दोषियों की किस्मत का फैसला सुनाएगी।

मामले की जड़ें 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन से जुड़ी हैं। आरोप है कि रानी की सराय के रुदरी गांव में चुनावी रंजिश को लेकर सुबह करीब 9 बजे खूनी खेल खेला गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, जब रामजन्म सिंह अपने दरवाजे पर बैठे थे, तभी तत्कालीन ग्राम प्रधान विपिन सिंह अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर वहाँ धमक पड़े। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर ललकारते हुए हमला किया गया, जिसमें तालुकदार सिंह और पारसनाथ सिंह की गोली मारकर कथित तौर पर हत्या कर दी गई। इस हमले में अंकित और आशीष नामक युवक भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

आजमगढ़ टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की लंबी जांच और अदालत में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अभियोजन ने कुल 17 गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपियों में से एक राधेश्याम सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी आठ को अदालत ने हत्या का दोषी माना है।

दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में एक क्रॉस केस भी चल रहा था। तत्कालीन प्रधान विपिन सिंह की ओर से भी दूसरे पक्ष पर फायरिंग और मारपीट का आरोप लगाया गया था। इस मामले में कोर्ट ने रामदरस, आशीष सिंह और शक्ति सिंह समेत छह आरोपियों को कातिलाना हमले और मारपीट का दोषी करार दिया है। अदालत आज दोनों ही मामलों में सजा के बिंदुओं पर अपना फैसला सुनाएगी।

पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि चुनावी रंजिशों में होने वाले इन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 19 साल का वक्त बहुत ज्यादा है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

ऐप खोलें