आजमगढ़। दीपावली की खुशियों में कहीं कोई हादसा खलल न डाल दे, इसे लेकर आजमगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आतिशबाजी, पटाखों और दीपकों से होने वाली संभावित आगजनी और जन-धन की हानि को रोकने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। “आजमगढ़ टाइम्स” अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि त्योहार के जोश में होश न खोएं और इन नियमों का सख्ती से पालन करें।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पटाखे केवल खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही जलाए जाने चाहिए। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि पटाखे जलाने वाली जगह के आसपास कोई ज्वलनशील सामग्री, वाहन, दुकान या बिजली के तार न हों। बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष हिदायत दी गई है कि वे अकेले पटाखे न जलाएं; पटाखों के पास किसी जिम्मेदार वयस्क की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।
इन बातों का रखें खास ख्याल:
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि पटाखे जलाते समय लंबी मोमबत्ती या सुरक्षित प्रज्वलन उपकरणों का ही प्रयोग करें। पटाखों को हाथ में पकड़कर जलाना जानलेवा साबित हो सकता है। साथ ही, कांच की बोतल या बंद डिब्बों में पटाखे रखकर फोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि इसके टुकड़े घातक चोट पहुंचा सकते हैं। घर के भीतर जलाए जाने वाले दीपक और मोमबत्तियों को भी पर्दों, कपड़ों और लकड़ी के सामान से दूर रखने की सलाह दी गई है।
दुकानदारों के लिए भी कड़े निर्देश:
पटाखों की बिक्री को लेकर भी प्रशासन सख्त है। निर्देश दिया गया है कि पटाखों का भंडारण और बिक्री केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही की जाए। दुकानों में अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था और निकास के लिए पर्याप्त जगह होना अनिवार्य है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में पानी की बाल्टी, रेत और अग्निशमन यंत्र तैयार रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें तुरंत कॉल:
प्रशासन ने किसी भी अनहोनी की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
अग्निशमन सेवा: 101/112
पुलिस आपातकालीन सेवा: 112
एम्बुलेंस सेवा: 108
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 05462-297551, 297558, 297559
आपदा टोल फ्री हेल्पलाइन: 1077
आजमगढ़ टाइम्स की राय: प्रशासन की यह पहल सराहनीय है, लेकिन सुरक्षा की असली जिम्मेदारी हम नागरिकों की है। सुरक्षित दिवाली मनाएं और अपनों का ख्याल रखें।
क्या आपको लगता है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
