Sun, Nov 8, 2026 Updated 03:32 PM IST
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दीपावली पर आजमगढ़ में “हेल्थ इमरजेंसी” अलर्ट: 29 अस्पतालों में 116 बेड रिजर्व, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द!

11 hours पहले

आजमगढ़। दीपावली के त्योहार पर किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। आगजनी या अन्य हादसों की आशंका को देखते हुए आजमगढ़ के 29 प्रमुख अस्पतालों में कुल 116 बेड विशेष रूप से आरक्षित किए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एन.आर. वर्मा के मुताबिक, “दीपावली के पावन पर्व पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के अवकाश निरस्त कर रोस्टरवार ड्यूटी तय की गई है।” बेड आरक्षण की व्यवस्था के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज में 10 बेड और मंडलीय अस्पताल में 6 बेड सुरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल, अतरौलिया स्थित 100 शैय्या संयुक्त अस्पताल, तरवां और लालगंज में 4-4 बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि जनपद की सभी 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में 3-3 बेड आपात स्थिति के लिए रिजर्व हैं।

किसी भी हादसे की सूचना पर तत्काल मदद पहुंचाने के लिए जिले में 108 सेवा की 51 और 102 सेवा की 52 एंबुलेंस को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। यह सभी एंबुलेंस थानों, फायर ब्रिगेड स्टेशनों और चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगी, ताकि पुलिस और अग्निशमन दल के साथ एंबुलेंस भी मौके पर त्वरित प्रतिक्रिया दे सके। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने का कड़ा निर्देश दिया गया है।

एंबुलेंस सेवा के क्षेत्रीय प्रबंधक सुमित प्रताप सिंह और जिला मैनेजर अजय राय ने बताया कि पटाखे या आग से झुलसे मरीजों के त्वरित इलाज के लिए एंबुलेंस कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। गाड़ियों में “बर्न स्प्रे”, विशेष “बर्न कंबल” और प्राथमिक उपचार की दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज का इलाज शुरू किया जा सके।

आपकी राय: क्या आपको लगता है कि दीपावली पर होने वाले हादसों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के साथ-साथ आम जनता को भी ग्रीन पटाखों और सतर्कता पर ध्यान देना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

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