आजमगढ़। रोशनी के महापर्व दीपावली को लेकर इस बार जनपद में भारी उत्साह है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस साल दीपावली पर ग्रहों का एक दुर्लभ और बेहद शुभ संयोग बनने जा रहा है। आजमगढ़ के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा के अनुसार, इस बार दीपावली पर “बुधादित्य राजयोग” और “अमावस्या योग” सहित कई विशेष नक्षत्रों का मेल हो रहा है, जो सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
शनिवार को मनेगी छोटी दिवाली और हनुमत जयंती
मुन्ना बाबा ने बताया कि शनिवार को सायंकाल मेष लग्न में हनुमत जयंती का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इसी दिन “नरक चतुर्दशी” यानी छोटी दीपावली भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यमराज के निमित्त घर के मुख्य द्वार पर चार बत्तियों वाला दीपक जलाने की परंपरा है, जिसे “चतुर्मुखी दीपदान” कहा जाता है।
रविवार को होगा लक्ष्मी पूजन: ये हैं शुभ मुहूर्त
खबर के मुताबिक, रविवार को स्वाति नक्षत्र में दिन में 11:00 बजे के बाद अमावस्या तिथि लगने से दीपावली का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ग्रहों की स्थिति काफी विशेष रहने वाली है। तुला राशि में सूर्य और चंद्रमा की युति से “अमावस्या योग” बनेगा, वहीं सूर्य और बुध की युति से “बुधादित्य राजयोग” का निर्माण हो रहा है।
पूजन का सटीक समय:
मुन्ना बाबा के अनुसार, दीपावली के दिन पूजन के लिए निम्नलिखित समय सबसे उत्तम बताए गए हैं:
1. महालक्ष्मी, कुबेर और इंद्र पूजन: रविवार शाम 4:20 बजे के बाद (वृष लग्न में)।
2. महाकाली की विशेष पूजा: मध्य रात्रि 12:30 बजे से 2:40 बजे तक (सिंह लग्न और निशीथ काल में)।
ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि इस विशेष संयोग में की गई पूजा और दीपदान से परिवार में सुख, शांति और आर्थिक संपन्नता आती है। जनपद के बाजारों में भी इस शुभ मुहूर्त को देखते हुए रौनक बढ़ गई है और लोग खरीदारी में जुटे हुए हैं।
पाठकों से सवाल: आप इस दिवाली अपने घर की सुख-समृद्धि के लिए कौन सी विशेष परंपरा निभाते हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।
