आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देशों पर साइबर अपराधियों और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना देवगांव पुलिस की टीम ने महिलाओं को लोन दिलाने और पैसे दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले एक अंतर्जनपदीय शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है ठगी का पूरा पैंतरा?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया अभियुक्त बेहद शातिर तरीके से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। आरोप है कि वह महिलाओं को 5,000 रुपये के बदले 50,000 रुपये दिलाने का लालच देता था। इस झांसे में लेकर वह महिलाओं से उनका आधार कार्ड ले लेता था और बायोमैट्रिक मशीन पर उनका अंगूठा लगवा लेता था। इसके बाद बायोमैट्रिक सत्यापन के जरिए कथित तौर पर उनके बैंक खातों से पूरी धनराशि उड़ा लेता था।
बरामदगी और विधिक कार्रवाई:
देवगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से ठगी व चोरी के 9,200 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। अभियुक्त के खिलाफ थाना देवगांव में धोखाधड़ी और चोरी के कुल 03 अभियोग पंजीकृत हैं। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आजमगढ़ पुलिस की सावधान रहने की अपील:
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी को भी अपना आधार कार्ड, बैंक खाता संबंधी गोपनीय जानकारी या बायोमैट्रिक अंगूठा सत्यापन न दें। रातों-रात धनराशि दोगुनी करने या बिना नियम-कानून के भारी-भरकम लोन देने वाले प्रलोभनों से सावधान रहें।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या आपको लगता है कि ग्रामीण इलाकों में डिजिटल और वित्तीय जागरूकता की कमी के कारण महिलाएं ऐसे साइबर ठगों के झांसे में जल्दी आ जाती हैं? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!
