आजमगढ़। शहर के अति-व्यस्त इलाके सिविल लाइन वार्ड में बिजली विभाग की एक बेहद खतरनाक और जानलेवा लापरवाही सामने आई है। दीवानी कचहरी के उत्तरी गेट के बाहर, रोडवेज स्टेशन की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर 440 वोल्ट के दो बिजली के तार नंगे और खुले लटक रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये हाई-वोल्टेज तार जमीन से महज पांच फीट की ऊंचाई पर हैं, जिससे रास्ते से गुजरने वाले लोगों के सिर पर हर वक्त मौत का साया मंडरा रहा है।
आजमगढ़ टाइम्स की पड़ताल में सामने आया कि बिजली के खंभे पर तार जोड़ने के बाद जिम्मेदारों ने उन पर इंसुलेशन टेप तक लगाने की जहमत नहीं उठाई। इस मार्ग से दिन-रात कचहरी आने वाले वादकारी, रोडवेज जाने वाले यात्री, मजदूर और आम राहगीर गुजरते हैं। इसके अलावा आसपास की दुकानों में सामान सप्लाई करने के लिए रोजाना बड़े और ऊंचे वाहन भी इसी रास्ते से निकलते हैं। ऐसे में जरा सी चूक या वाहन का तारों से स्पर्श किसी बड़ी त्रासदी को न्योता दे सकता है।
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि वे खुद अलर्ट रहकर अनजान राहगीरों को उन नंगे तारों से दूर रहने की चेतावनी देते रहते हैं। आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खुले तारों पर तुरंत इंसुलेशन लगाया जाए और उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित किया जाए ताकि किसी की जान से खिलवाड़ न हो।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है? क्या आपके इलाके में भी ऐसी ही जानलेवा लापरवाही देखने को मिल रही है? नीचे कमेंट करके अपनी राय जरूर दें!
