आजमगढ़: जिले में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी क्रम में लालगंज और निजामाबाद तहसील क्षेत्रों में जनगणना कार्य में लगे कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस ट्रेनिंग के जरिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आंकड़ों के संकलन की बारीकियों से रूबरू कराया गया।
आजमगढ़ टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लालगंज और निजामाबाद में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में तैनात कर्मियों ने हिस्सा लिया। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा उन्हें बताया गया कि गणना के दौरान किस तरह से सटीक जानकारी जुटानी है और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कैसे करना है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी हिस्सा या परिवार इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से छूटने न पाए।
अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डेटा कलेक्शन में पूरी पारदर्शिता और शुद्धता बरती जाए। “आजमगढ़ टाइम्स” को मिली जानकारी के अनुसार, प्रगणकों को फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी विस्तार से समझाया गया है। इन दोनों क्षेत्रों में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब जल्द ही जमीनी स्तर पर जनगणना का काम रफ्तार पकड़ेगा।
प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि इस बार की प्रक्रिया को पहले से अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। लालगंज और निजामाबाद में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब कर्मियों को उनके आवंटित क्षेत्रों में तैनात करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि डिजिटल तरीके से होने वाली जनगणना पुराने कागजी तौर-तरीकों से बेहतर और सटीक साबित होगी? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।
