आजमगढ़। जनपद के देवगांव कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (NH-233) पर बुधवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ओवरब्रिज से उतरते समय अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में खड़े एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो नवयुवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
कार धुलवाने निकले थे दोस्त, रास्ते में मिला काल:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पड़ोसी जिले जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र स्थित सरायबीरू गांव के रहने वाले पांच दोस्त कार साफ कराने (धुलवाने) के सिलसिले में देवगांव आए हुए थे। बताया जा रहा है कि मोलनापुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बने ओवरब्रिज से उतरते समय कार की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान वाहन कथित तौर पर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर को फांदते हुए सड़क की दूसरी तरफ खड़े ट्रक से टकरा गया।
दो परिवारों के चिराग बुझे, तीन घायलों की हालत नाजुक:
इस भीषण हादसे में जौनपुर के सरायबीरू निवासी 19 वर्षीय शीतल (पुत्र सुरेंद्र) और 19 वर्षीय रोहन (पुत्र रमाकांत) की मौके पर ही सांसें थम गईं। वहीं विशाल (18) पुत्र शशिकांत, परविंद (20) पुत्र राजबहादुर और साहिल (20) पुत्र जबिंदर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े और तुरंत देवगांव पुलिस को सूचित किया।
हायर सेंटर रेफर, पुलिस जांच जारी:
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से भारी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सभी घायलों को आनन-फानन में संयुक्त सौ शैय्या चिकित्सालय, लालगंज ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें आजमगढ़ जिला अस्पताल (हायर सेंटर) रेफर कर दिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
‘आजमगढ़ टाइम्स’ का सवाल: एनएच-233 और ओवरब्रिज पर अक्सर तेज रफ्तार के कारण ऐसे भयावह हादसे हो रहे हैं। आपके मुताबिक, हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को स्पीड गन और कड़े चालान पर जोर देना चाहिए या चालकों को खुद अपनी रफ्तार पर काबू पाना होगा? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।
