आजमगढ़। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और सूचना के अधिकार (RTI) को हल्के में लेना आजमगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को बेहद भारी पड़ गया है। राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीएसए के खिलाफ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। आयोग ने आदेश जारी किया है कि संबंधित अधिकारी के वेतन से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया जाए।
आजमगढ़ टाइम्स नेटवर्क को मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में कथित तौर पर लापरवाही बरतने और समय सीमा के भीतर जवाब न देने से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सूचना आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़ी जानकारियों को दबाना या उनमें देरी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“लापरवाही पर चला आयोग का डंडा”
आदेश के मुताबिक, जुर्माने की यह राशि सीधे अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी। प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले के बाद हड़कंप मचा हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाओं को विभाग टालने की कोशिश करते हैं, लेकिन सूचना आयोग के इस “कड़क” फैसले ने साफ कर दिया है कि जवाबदेही तो तय होकर रहेगी।
“क्या है पूरा मामला?”
हालांकि मामले की विस्तृत कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन प्राथमिक तौर पर यह कार्रवाई सूचना देने में जानबूझकर की गई देरी या आयोग के आदेशों की अवहेलना के चलते की गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अब इस राशि की रिकवरी के लिए संबंधित वित्तीय विभाग को निर्देश भेज दिए गए हैं।
आजमगढ़ टाइम्स सवाल: क्या आपको लगता है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से सरकारी विभागों में बाबूशाही और लापरवाही पर लगाम लगेगी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
