Fri, Nov 6, 2026 Updated 07:20 PM IST
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400 रुपये की मजदूरी के लिए हैवानियत! आजमगढ़ में होटल मालिक ने कर्मचारी को पीट-पीटकर मारा, आरोपी हिरासत में

6 days पहले

आजमगढ़। आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र अंतर्गत दूबरा बाजार से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां महज कुछ रुपयों के दिहाड़ी विवाद में एक होटल संचालक की हैवानियत ने एक गरीब कर्मचारी की जान ले ली। दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद अपनी पूरी मजदूरी मांगना एक कर्मचारी के लिए जानलेवा साबित हुआ। होटल मालिक पर आरोप है कि उसने अपने ही कर्मचारी के साथ कथित तौर पर इस कदर बर्बरतापूर्वक मारपीट की कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पड़ोसी जिले जौनपुर के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय सतीश अग्रहरि, दूबरा बाजार स्थित राजेश विश्वकर्मा के होटल पर 500 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम करते थे। सतीश ने लगातार दो दिनों तक होटल में मेहनत की थी। आरोप है कि शुक्रवार को जब सतीश ने अपनी 1000 रुपये की पूरी मजदूरी मांगी, तो होटल संचालक राजेश विश्वकर्मा ने उसे केवल 600 रुपये थमा दिए। हक के 400 रुपये मांगने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद गुस्साए होटल मालिक ने कथित रूप से सतीश अग्रहरि के साथ बुरी तरह मारपीट की।

इस प्राणघातक हमले में सतीश गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए जौनपुर के चौरसंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। सतीश की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया, लेकिन शनिवार की भोर में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। गौराबादशाहपुर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस सनसनीखेज मामले में मृतक के भाई दीपू अग्रहरि की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बरदह थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आरोपी होटल संचालक राजेश विश्वकर्मा को हिरासत में ले लिया गया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। सतीश की असमय मौत से उनकी पत्नी माला देवी और बच्चों—सौरभ, शुभम, प्रवेश तथा पुत्री शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: किसी गरीब मजदूर की पसीने की कमाई मांगने पर इस तरह की हैवानियत समाज के गिरते स्तर को दर्शाती है। क्या आपको लगता है कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुरक्षा और समय पर पूरी मजदूरी दिलाने के लिए प्रशासन को और कड़े कदम उठाने चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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