Sun, Nov 8, 2026 Updated 03:46 AM IST
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आजमगढ़ के सोफीगढ़ में आधी रात पुलिसिया कार्रवाई पर बवाल: महिलाओं से अभद्रता के आरोप पर अहिरौला थाने में सुभासपा का हंगामा

3 days पहले

आजमगढ़: जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत सोफीगढ़ गांव में मंगलवार की देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। आधी रात को गांव के चार घरों में दाखिल हुई पुलिस टीम पर ग्रामीणों और महिलाओं ने तोड़फोड़, मारपीट और बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के विरोध में बुधवार सुबह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पीड़ितों के साथ अहिरौला थाने का घेराव कर जमकर विरोध जताया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब तीन वाहनों से पहुंची पुलिस टीम ने सोफीगढ़ गांव से खुशरब्बे अहमद, आसिफ, सलमान, कल्लू उर्फ आसिफ और टुन्नू समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया था। बुधवार सुबह इस बात की जानकारी मिलते ही सुभासपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव मुस्ताक उर्फ गुड्डू, युवा मंच के प्रदेश महासचिव दीपक सिंह, अब्दुल मजीद, अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष अशोक गौड़ और कुलदीप राजभर की अगुआइ में सैकड़ों कार्यकर्ता और पीड़ित परिवारों की महिलाएं थाने पहुंच गईं।

थाने पहुंची पीड़ित महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए लिखित तहरीर दी है। गांव निवासी नन्हे का आरोप है कि पुलिस ने उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और घरेलू सामान तोड़ दिया। आरोप यह भी है कि उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। इसके अलावा सकीना, हिना, जैनब, फूला, गुलशन, सायरा, शबाना और कोसरी समेत अन्य महिलाओं ने भी मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। नन्हे ने पुलिस पर चार लोगों को छोड़ने के बदले 12 हजार रुपये रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

सुभासपा पदाधिकारियों और ग्रामीणों के भारी दबाव के बाद दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी पांचों लोगों को छोड़ दिया। इसके बाद सुभासपा नेता दीपक सिंह और मुस्ताक उर्फ गुड्डू ने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक और लखनऊ में उच्च अधिकारियों से मिलकर दोषियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) बूढ़नपुर विजय कुमार सिंह गौर ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस टीम कई मामलों में आरोपित व्यक्तियों के भौतिक सत्यापन के सिलसिले में गांव गई थी। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए मारपीट, अभद्रता और तोड़फोड़ के तमाम आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार करार दिया है।

आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: क्या पुलिस द्वारा आधी रात को दी जाने वाली ऐसी दबिशों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? इस पूरी घटना पर अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें।

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