आजमगढ़: जिले के ग्रामीण इलाकों के विकास को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। “आजमगढ़ टाइम्स” की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, जनपद के 103 अनुसूचित जाति बहुल गांवों की तकदीर बदलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। समाज कल्याण विभाग ने इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए 20 करोड़ रुपये से अधिक का एक व्यापक प्रस्ताव शासन को भेजा है।
इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तक खर्च किए जाने का प्रावधान है। इन कार्यों में मुख्य रूप से इंटरलॉकिंग, सोलर लाइट की स्थापना और खड़ंजा निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य है कि इन गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए।
प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने जानकारी दी कि शासन के निर्देश पर जिले की कुल 524 ग्राम पंचायतों को सर्वे के बाद चिन्हित किया गया है। पहले चरण में 103 गांवों का चयन किया गया है, जिनका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जैसे ही बजट को हरी झंडी मिलेगी, इन गांवों में धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। शेष 421 गांवों के लिए भी विकास कार्यों का खाका तैयार किया जा रहा है और जल्द ही उनका प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी करेगा गुणवत्ता की जांच
विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने सख्त रुख अपनाया है। प्रस्तावित कार्यों की गुणवत्ता और लागत का सटीक आकलन करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को तकनीकी परीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीडब्ल्यूडी की तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन का दावा है कि इस पहल से अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। “आजमगढ़ टाइम्स” इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है कि आखिर कब तक बजट रिलीज होता है और किन गांवों में सबसे पहले काम शुरू होता है।
क्या आपको लगता है कि 20 लाख रुपये का बजट एक गांव की पूरी तस्वीर बदलने के लिए पर्याप्त है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
