आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गोवध निवारण अधिनियम के तहत वांछित और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है। गंभीरपुर पुलिस की मुस्तैद टीम ने सटीक रणनीति के तहत मंगलवार सुबह करीब 11:15 बजे बेचन बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान वकील (उम्र 36 वर्ष), पुत्र स्व. मोबीन के रूप में हुई है। वह गंभीरपुर थाना क्षेत्र के लहबरिया सरसेना खालसा गांव का निवासी है। आरोपी के खिलाफ गंभीरपुर थाने में मुकदमा संख्या 255/2026 दर्ज था। पुलिस ने उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
घटना का घटनाक्रम बीते 25 अक्टूबर से जुड़ा हुआ है, जब सरसेना खालसा गांव में कथित तौर पर प्रतिबंधित पशु का वध कर उसका मांस बेचने का मामला उजागर हुआ था। सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस की 25 अक्टूबर को आरोपियों से मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—जमील और सलमान को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था, जबकि वकील मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था।
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में आरोपी वकील पर आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर सुनसान और निर्जन स्थानों पर अवैध रूप से पशुओं का वध करता था। आरोपी कथित तौर पर मांस की बिक्री से मिलने वाले पैसों को आपस में बांट लेते थे। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित तारों की भी जांच कर रही है।
पाठकों से सवाल:
क्या आपको लगता है कि इलाके में सक्रिय ऐसे अवैध नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है? अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं।
