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18 साल की फरारी, मुंबई का ठिकाना और दीवाली पर ‘खाकी’ का शिकंजा: आजमगढ़ कोर्ट से भागा 50 हजार का इनामी गिरफ्तार!

3 days पहले

आजमगढ़। कानून के लंबे हाथ देर से सही, लेकिन आखिरकार मुजरिम की गर्दन तक पहुंच ही जाते हैं। ‘आजमगढ़ टाइम्स’ की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक बेहद ही शातिर और 18 सालों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पकड़ा गया आरोपी साल 2008 में कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से चंपत हो गया था और तब से पहचान छुपाकर मुंबई में फरारी काट रहा था।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राकेश पांडेय उर्फ राजू (उम्र 45 वर्ष), पुत्र रामानंद पांडेय, निवासी ग्राम खुरशु, थाना देवगांव (आजमगढ़) के रूप में हुई है। आरोपी पर आजमगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) की ओर से 50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ था फरार?
पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, आरोपी राकेश पांडेय के खिलाफ थाना देवगांव में साल 2004 में मुकदमा संख्या 558/2004 (धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट) के तहत मादक पदार्थों की तस्करी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह जिला कारागार आजमगढ़ में निरुद्ध था। 29 अप्रैल 2008 को जब उसे कचहरी में पेशी के लिए लाया गया, तब वह कथित तौर पर पुलिस अभिरक्षा को चकमा देकर फरार हो गया। इस संबंध में शहर कोतवाली में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 223/224 के तहत एक और मुकदमा (सं. 504/2008) दर्ज किया गया था।

मुंबई में बदला ठिकाना, दीवाली पर घर आते ही बिछा जाल
कस्टडी से भागने के बाद आरोपी सीधा आर्थिक राजधानी मुंबई चला गया। वहां वह लगातार किराए के मकान और अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। हाल ही में त्योहारों के सीजन में वह आजमगढ़ स्थित अपने गांव आने की फिराक में था। 4 नवंबर को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पांडेय और रोडवेज चौकी प्रभारी सौरभ त्रिपाठी की टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी मुंबई से लौटकर रोडवेज स्थित प्राइवेट बस अड्डे के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही सर्विलांस टीम की मदद से पूरे इलाके की घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।

आजमगढ़ टाइम्स की पाठकों से राय:
18 साल बाद एक शातिर इनामी की यह गिरफ्तारी पुलिस महकमे के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि आखिर अपराधी इतने लंबे समय तक पुलिस की नजरों से दूर रहने में कैसे कामयाब हो जाते हैं? इस पूरी कार्रवाई पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपनी बात जरूर साझा करें।

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