आजमगढ़ के मुबारकपुर में शव रखकर सड़क जाम करने, पुलिस पर पथराव करने और ऑक्सीजन लगी एंबुलेंस को रोकने के मामले में पुलिस ने कानून का सबसे बड़ा चाबुक चला दिया है! मुबारकपुर पुलिस ने 10 नामजद और 60 से 70 अज्ञात उपद्रवियों पर हत्या के प्रयास, बलवा और 7 सीएलए एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है!
सरकारी एफआईआर के मुताबिक, 13 अक्टूबर को मुबारकपुर के गुजरपार गांव निवासी मुन्नीलाल की सड़क हादसे में मौत हो गई थी और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
लेकिन पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव ले जाया जा रहा था, तो गुजरपार बाजार चौराहे पर मुबारकपुर-जीयनपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क पूरी तरह जाम कर दी गई। आरोप है कि समझाने पहुंची पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करते हुए ईंट-पत्थर चलाए गए, जिससे पुलिसकर्मियों की नेमप्लेट और वर्दी की सीटी-डोरी तक टूट गई। हद तो तब हो गई जब गंभीर मरीजों को ले जा रही ऑक्सीजन लगी एंबुलेंस को भी रोककर पीटा गया!
मुबारकपुर थाने के उपनिरीक्षक नौशाद अहमद की तहरीर पर पुलिस ने गुजरपार निवासी हरिकेश, प्रकाश, गोविन्द, विजय, सुनील राम, अनिल राम, इन्द्रदेव राम, रामचन्दर, नागेन्द्र यादव और सूबेदार समेत 10 लोगों को नामजद और 60 से 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 191(2), 189(2), 221, 121(1) और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक विवेक सिंह को सौंपी गई है।
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