आजमगढ़ टाइम्स (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे शिक्षामित्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों के 11,508 पदों पर होने जा रही भर्ती में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक छूट देने का बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग को तत्काल प्रभाव से आगे की चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आपको बता दें कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत की जा रही है, जिसका विज्ञापन 15 सितंबर को जारी किया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को आधिकारिक पत्र भेजकर इस छूट को तत्काल लागू करने के आदेश दिए हैं।
शासन का यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 नवंबर, 2020 को दिए गए ऐतिहासिक फैसले के अनुपालन में उठाया गया है। अदालत ने राम शरण मौर्य व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ मामले में आदेश दिया था कि शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर विचार किया जाए। इसी न्यायिक आदेश और सरकार के आश्वासन को अमलीजामा पहनाते हुए अब शिक्षामित्रों को 60 वर्ष की आयु सीमा तक आवेदन और चयन का मौका दिया जा रहा है।
पाठकों से सवाल:
क्या शिक्षामित्रों को 60 वर्ष की उम्र तक भर्ती में यह छूट देना एक सही कदम है, या इससे नए बीएड/डीएलएड पास युवाओं की प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ेगा? अपनी निष्पक्ष राय कमेंट करके जरूर बताएं!
