वाराणसी रामलीला में आजमगढ़ के भावी विधायक के हाथी का तांडव: 7 घंटे मची तबाही, महावत को लगे 50 टांके, नेताजी का फोन लगना बंद

आजमगढ़/वाराणसी (आजमगढ़ टाइम्स)। वाराणसी की प्रसिद्ध रामलीला के दौरान पंचवटी मैदान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशालकाय हाथी ने अचानक आपा खोकर ऐसा खौफनाक तांडव मचाया कि पूरा प्रशासनिक अमला थर्रा उठा। इस घटना का सीधा कनेक्शन आजमगढ़ से है, क्योंकि बेकाबू हुआ यह हाथी जिले के बरदह थाना क्षेत्र के अस्वनिया गांव निवासी शिबली सिंह उर्फ जसवंत सिंह का है। सनसनीखेज वारदात के बाद से ही मालिक जसवंत सिंह का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

सुभासपा से जुड़ाव, 2027 चुनाव की तैयारी: हाथी मालिक जसवंत सिंह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से जुड़े हैं और आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं। प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के साथ उनकी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इसके अलावा, जसवंत सिंह छतरपुर में इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज का संचालन भी करते हैं।

महावत को पटककर कुचला, लगे 50 से अधिक टांके: बताया जा रहा है कि हाथी को रामलीला में शामिल कराने के लिए आजमगढ़ से ही भेजा गया था। हाथी की देखरेख की जिम्मेदारी तहबरपुर थाना क्षेत्र निवासी महावत छपालु के कंधों पर थी, जो लंबे समय से इसकी सेवा कर रहा था। रविवार को पंचवटी मैदान में हाथी अचानक उग्र हो गया और उसने महावत छपालु को हवा में उछालकर जमीन पर दे मारा। आरोप है कि हाथी ने महावत को अपने दांतों और पैरों से कुचलने का भी प्रयास किया। इस भीषण हमले में महावत बुरी तरह लहूलुहान हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसे 50 से ज्यादा टांके लगाने पड़े हैं।

7 घंटे का खौफनाक मंजर, बिजली के खंभे उखाड़े: हाथी के बेकाबू होने के बाद वाराणसी पुलिस और वन विभाग की टीम को काबू पाने में पसीने छूट गए। लगभग 7 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हाथी ने कई बिजली के खंभों को उखाड़ फेंका, जिससे इलाके की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। घटना के बाद आजमगढ़ टाइम्स ने हाथी मालिक जसवंत सिंह का पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला और उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आपकी राय: भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में हाथी जैसे विशालकाय और खतरनाक जानवरों की मौजूदगी कितनी सुरक्षित है? क्या ऐसे हादसों के बाद मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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