दरअसल आजमगढ़ के मुबारकपुर नगर पालिका में स्वच्छता के नाम पर गजब का फर्जीवाड़ा सामने आया है! जमीन पर कूड़ा सड़ता रहा और आरोप है कि पोर्टल पर फर्जी फोटो अपलोड करके शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया गया!।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के ‘स्वच्छता पोर्टल’ पर नागरिकों ने गंदगी, नालियों और जलभराव की शिकायतें की थीं. लेकिन पालिका कर्मियों ने मौके पर सफाई कराने के बजाय, किसी दूसरी जगह की फोटो लगा दी! हद तो यह कि एक ही तस्वीर को कई अलग-अलग शिकायतों में लगाकर बंद कर दिया गया!
जैसे पुलिस चौकी के सामने कूड़े की शिकायत पर साल भर बाद किसी और जगह की फोटो लगा दी गई। वहीं पूरा दीवान, आयशा तालाब और ऊंची तकिया में कूड़ा जलाने और टूटी सड़कों की शिकायतें महीनों से धूल फांक रही हैं। स्थानीय नागरिक सुजात हुसैन और हाफिज नफीज ने इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जब इस फर्जीवाड़े की पोल खुली तो नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) विनय कुमार मिश्रा ने खुद माना कि पोर्टल पर कुछ शिकायतों का निस्तारण गलत हुआ है और अब इसकी विभागीय जांच करवाई जा रही है!
कागजों में सफाई और जमीन पर गंदगी—मुबारकपुर पालिका के इस खेल पर आपकी क्या राय है? क्या आपके वार्ड में भी ऐसा होता है? कमेंट में बताएं, इस खबर को शेयर करें और आजमगढ़ की बेबाक खबरों के लिए आजमगढ़ टाइम्स ऐप को शेयर जरूर करें!


