आजमगढ़। शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी के पावन अवसर पर जनपद के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में आस्था का ऐसा ज्वार उमड़ा कि पूरा इलाका ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। निजामाबाद कस्बे के समीप स्थित भैरोपुर गांव के इस प्राचीन धाम में सुबह की पहली किरण के साथ ही भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी। श्रद्धा का आलम यह था कि दोपहर 1 बजे तक मंदिर परिसर में पैर रखने की जगह नहीं थी और लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक माली ने बताया कि अष्टमी के विशेष अवसर पर माँ शीतला का महागौरी स्वरूप में भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया। पुजारी के अनुसार, नवरात्र के नौ दिनों में माता रानी को अलग-अलग स्वरूपों में सजाने की परंपरा है, जिसे देखने और आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दराज के इलाकों से भक्त यहाँ पहुँचते हैं। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मन्नतें मांगी।
रंग-बिरंगी रोशनी और भक्तिमय माहौल: नवरात्र मेले को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा भव्य इंतजाम किए गए हैं। पूरा मंदिर परिसर आधुनिक लाइटों और फूलों से सजाया गया है, जिससे शाम होते ही यहाँ का दृश्य दिव्य हो जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित भजन-कीर्तन और देवी गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है। मंदिर के बाहर सजी सैकड़ों दुकानों पर भी भक्तों की भारी चहल-पहल देखी गई।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए मंदिर परिसर में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी पुलिस बल की तैनाती की गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आजमगढ़ टाइम्स की अपील: क्या आपने इस नवरात्र शीतला माता के दर्शन किए? मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।


