दिल्ली से अपने पैतृक गांव लौट रहे एक परिवार के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक झपकी काल बन गई! आजमगढ़ के तहबरपुर में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए और पिता-पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पत्नी और दो मासूम बच्चे जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं!
हृदयविदारक हादसा शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तहबरपुर थाना क्षेत्र के करियावर के पास, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के स्टोन नंबर 216.2 पर हुआ। मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र स्थित सुल्तानपुर गांव के रहने वाले सिविल इंजीनियर शादाब अहमद अपने परिवार के साथ दिल्ली से अपने गांव लौट रहे थे।
तहबरपुर थाना प्रभारी आदित्य कुमार सिंह के मुताबिक, आशंका है कि कार चला रहे चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे गाड़ी बेकाबू होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि 83 वर्षीय पिता खुर्शीद अहमद और 53 वर्षीय इंजीनियर पुत्र शादाब की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वहीं हादसे में शादाब की 39 वर्षीय पत्नी आसमा बानो, 9 साल का बेटा अमदान और 15 साल की बेटी मायरा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान नींद या झपकी आने पर गाड़ी तुरंत रोककर आराम जरूर करें, क्योंकि एक सेकंड की लापरवाही पूरे परिवार को उजाड़ देती है। दिवंगत पिता-पुत्र की आत्मा की शांति के लिए ‘ॐ शांति’ जरूर लिखें, इस जरूरी संदेश को शेयर करें


