आजमगढ़। ‘आजमगढ़ टाइम्स’ की विशेष रिपोर्ट: जिले में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान के बहाने सीधे-सादे लोगों को अपने झांसे में लेकर जेवरात साफ करने वाले गिरोह पर पुलिस ने करारा प्रहार किया है। गंभीरपुर थाना पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25-25 हजार रुपये की इनामी दो शातिर महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी महिलाएं लंबे समय से फरार चल रही थीं और उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, घटना गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सरायपलटू गांव की है। यहाँ 28 अगस्त 2025 को पीड़िता रेखा कन्नौजिया के घर तीन अज्ञात महिलाएं पहुंचीं। कथित तौर पर उन्होंने पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर पीड़िता को अपने विश्वास में लिया और उनके कीमती आभूषण अपने पास रखवा लिए। इसके बाद मौका पाते ही तीनों महिलाएं जेवर समेटकर रफूचक्कर हो गईं। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 12 सितंबर 2025 को मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने शातिर ठगों की पहचान कर ली थी और उनके कब्जे से ठगे गए आभूषण व नकदी भी बरामद की थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि यह गिरोह संगठित होकर अवैध आर्थिक लाभ के लिए आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। इसी के मद्देनजर 21 फरवरी 2026 को आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। लगातार फरार रहने के कारण एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने 7 सितंबर 2026 को दोनों महिला आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिन्हें शनिवार को आखिरकार दबोच लिया गया।
पुलिस की गिरफ्त में आई महिलाओं की पहचान जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्राह्मणपुर झमका गांव की रहने वाली गरीबुन (35) पत्नी आसिक और मेहनाज (45) पत्नी स्व. गुड्डू के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन दोनों महिलाओं के खिलाफ आजमगढ़ और जौनपुर जिले के विभिन्न थानों में चोरी, ठगी और गैंगस्टर एक्ट जैसे कुल 6 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
आजमगढ़ टाइम्स सवाल: पूजा-पाठ और झाड़-फूंक के नाम पर आए दिन भोले-भाले ग्रामीण ऐसी ठगी का शिकार बन जाते हैं। इस तरह के शातिर अपराधियों और अंधविश्वास के इस जाल से बचने के लिए आप अपने आसपास के लोगों को कैसे जागरूक करेंगे? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
