Sat, Nov 7, 2026 Updated 05:05 PM IST
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दीपोत्सव पर आजमगढ़ DM का संवेदनशील चेहरा: वृद्धाश्रम में बांटे गर्म कपड़े और फल, अपनों से ठुकराए बुजुर्गों संग बांटी खुशियां

1 hour पहले

आजमगढ़। दीपावली के पावन पर्व पर आजमगढ़ के जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार का एक बेहद संवेदनशील और दिल छू लेने वाला रूप सामने आया है। शनिवार को त्योहार की खुशियों के बीच डीएम अचानक जिले के वृद्धाश्रम पहुंचे और वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ दीपोत्सव का पर्व मनाया। अपनों से दूर और उपेक्षित महसूस कर रहे बुजुर्गों के चेहरे पर प्रशासनिक मुखिया को अपने बीच पाकर एक अलग ही मुस्कान तैर गई।

दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने सभी वृद्धजनों से बेहद आत्मीयता से बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने खुद अपने हाथों से बुजुर्गों को फल, मिठाइयां और आने वाली ठंड को देखते हुए गर्म ऊनी कपड़े व कंबल बांटे। इसके साथ ही डीएम ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं, खान-पान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं का भी गहन जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आश्रम में रह रहे किसी भी बुजुर्ग को किसी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।

इस मौके पर आजमगढ़ की जनता से भावुक अपील करते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि “त्योहारों की असली खुशी अपनों के साथ-साथ उन लोगों के बीच खुशियां बांटने में है, जिन्हें स्नेह और अपनत्व की जरूरत है। सभी लोगों को अपने घरों के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में वृद्धजनों का कल्याण सबसे ऊपर है। डीएम ने बुजुर्गों को भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या की स्थिति में प्रशासन तुरंत उनकी मदद के लिए खड़ा रहेगा।

जिलाधिकारी की यह पहल न केवल समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सेवा भाव को बढ़ावा देती है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक बड़ा संदेश है जो उम्र के आखिरी पड़ाव में अपने माता-पिता को बेसहारा छोड़ देते हैं।

‘आजमगढ़ टाइम्स’ का सवाल: क्या आपको लगता है कि समाज में बुजुर्गों को बेसहारा छोड़ने वाले बच्चों के खिलाफ कानूनी तौर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं!

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