आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। विजयादशमी के पावन पर्व में महज दो दिन का वक्त बचा है, लेकिन शहर के पॉश इलाकों में शुमार राहुल नगर का शारदा तिराहा इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली की दास्तान बयां कर रहा है। ठंडी सड़क को जोड़ने वाले इस बेहद व्यस्त मुख्य मार्ग पर महीनों से कूड़े का पहाड़ खड़ा है। त्योहार के मुहाने पर खड़ी नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की पोल इस बदबूदार ढेरी ने पूरी तरह से खोलकर रख दी है।
आपको बता दें कि इस मुख्य सड़क पर करीब पांच बड़े होटल स्थित हैं और कई पटरी दुकानदार भी यहीं से अपनी आजीविका चलाते हैं। हालांकि, कूड़े के ढेर से उठने वाली असहनीय दुर्गंध के कारण ग्राहकों ने यहाँ से दूरी बना ली है, जिससे स्थानीय कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। पीड़ित स्थानीय व्यवसायी अंजय ने इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए कूड़े को तुरंत हटवाने की गुहार लगाई है।
नगर पालिका की इस कथित कार्यप्रणाली और लापरवाही पर स्थानीय सभासद राजेंद्र साहनी का गुस्सा भी फूट पड़ा है। उन्होंने पालिका प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष जताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। साहनी का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इस कूड़े को साफ नहीं कराया गया, तो वे मोहल्ले के लोगों को साथ लेकर सीधे जिलाधिकारी (DM) के दरबार में दस्तक देंगे और लापरवाह अफसरों की शिकायत करेंगे।
इतना ही नहीं, इलाके की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए राहुल नगर निवासी प्रमोद निषाद ने बताया कि सड़क किनारे पड़े इस कूड़े के कारण दिन-रात आवारा पशुओं और खूंखार बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। इनकी वजह से क्षेत्र में आए दिन राहगीरों के साथ कई हादसे और झपटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
दूसरी तरफ, जब इस पूरे मामले पर आजमगढ़ टाइम्स ने प्रशासनिक पक्ष जाना, तो पालिका के सफाई इंस्पेक्टर बेबो ने अपनी दलील दी। उनका दावा है कि इस समय सफाई कर्मियों की भारी कमी है और पूरा ध्यान दुर्गा पूजा पंडालों की व्यवस्था पर केंद्रित है, जिसके चलते यहाँ से नियमित कूड़ा उठाने में बाधा आ रही है।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: त्योहारों के इस सीजन में कर्मचारियों की कमी का बहाना बनाकर आम जनता को गंदगी और बीमारियों के मुहाने पर धकेलना कितना सही है? क्या नगर पालिका प्रशासन को इस पर सख्त रुख नहीं अपनाना चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें!


