आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जनपद के अनंतपुरा वार्ड से कला, समर्पण और अदम्य साहस की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है। त्योहार के इस पावन मौसम में मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे स्थानीय मूर्तिकार अभिलाष प्रजापति काम के दौरान ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक वक्त ऐसा लगा कि इस बार पूजा आयोजकों को मूर्तियों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन इस जाबांज कलाकार के बुलंद हौसले ने हर मुश्किल को मात दे दी।
मिली जानकारी के अनुसार, मूर्तियों का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में था, तभी संतुलन बिगड़ने की वजह से अभिलाष काफी ऊंचाई से नीचे आ गिरे। हादसे में उन्हें काफी चोटें आईं, जिसके कारण मूर्तियों का काम अचानक ठप हो गया। मूर्ति निर्माण रुकने से विभिन्न पूजा समितियों और आयोजकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं। हालांकि, शरीर में असहनीय दर्द होने के बावजूद अभिलाष ने हिम्मत नहीं हारी और डॉक्टरों की सलाह को दरकिनार करते हुए दोबारा अपने काम में जुट गए।
अपनी जुबान और पेशेवर धर्म को सर्वोपरि रखते हुए अभिलाष ने रात-दिन एक करके सभी प्रतिमाओं का काम समय पर पूरा किया। उन्होंने न केवल मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को गढ़ा, बल्कि तय समय पर आयोजकों को सुरक्षित डिलीवरी भी दी। कलाकार के इस निष्ठाभाव और जज्बे को देखकर स्थानीय लोग और आयोजक उनके मुरीद हो गए हैं।
क्षेत्र के गणमान्य लोगों का कहना है कि ऐसे विपत्ति के समय में भी अपने काम के प्रति ईमानदारी दिखाने वाले कलाकारों को सरकार, प्रशासन और समाज की तरफ से आर्थिक व चिकित्सकीय प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि हमारी पारंपरिक लोक कला और कलाकारों का वजूद सुरक्षित रह सके।
आजमगढ़ टाइम्स की जन-अपील: क्या आपको लगता है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी कला और वादे के प्रति समर्पित रहने वाले अभिलाष प्रजापति जैसे कलाकारों को सरकार द्वारा विशेष आर्थिक और स्वास्थ्य सहायता मिलनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें!


