आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले के ग्रामीण इलाकों में सरकारी इमारतों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बरदह क्षेत्र में स्थित एक जच्चा-बच्चा केंद्र, जो नवजातों और माताओं के बेहतर इलाज के लिए बनाया गया था, वह प्रशासनिक उपेक्षा के कारण भूसा और उपली रखने का अड्डा बना हुआ था। मामला सामने आने के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है और केंद्र को खाली कराने की कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरदह गांव में प्राथमिक विद्यालय के बगल में स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र लंबे समय से बदहाली का शिकार था। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बने इस परिसर के भीतर कथित तौर पर ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से भूसा और कंडे (उपली) भरकर रखे गए थे। स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली ने स्थानीय स्तर पर महकमे की देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
मामले की भनक लगते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जच्चा-बच्चा केंद्र के भीतर से सारा भूसा और उपली बाहर निकलवाया और परिसर को साफ कराया। विभाग अब इस केंद्र को उसकी मूल व्यवस्था के तहत संचालित करने का दावा कर रहा है।
पाठकों से सवाल:
ग्रामीण इलाकों में बने ऐसे जच्चा-बच्चा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भूसाघर बन जाना कितना जायज है? क्या ऐसे लापरवाह जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
