आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले की मतदाता सूची को लेकर उठे बड़े सियासी बवंडर के बीच जिला निर्वाचन प्रशासन ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘विकास यादव’ नाम के मतदाता की सूची में 10 जगह मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे। इस दावे के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराकर आधिकारिक बयान जारी किया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा पूरे मामले की जांच कराई गई। ईआरओनेट (ERONet) पोर्टल पर उपलब्ध अभिलेखों और जमीनी पड़ताल के आधार पर निर्वाचन विभाग ने पाया कि हिंदी में दर्ज ‘विकास यादव’ नाम के सभी 10 मतदाता पूरी तरह से अलग-अलग व्यक्ति हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी लोग अपने-अपने संबंधित गांवों में ही निवास करते हैं और सिर्फ नाम एक समान होने के कारण यह भ्रम स्थिति पैदा हुई है।
गौरतलब है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर चुनावी प्रणाली में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आजमगढ़ की इस सूची का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद से ही जिला निर्वाचन विभाग से लगातार स्पष्टीकरण मांगा जा रहा था। निर्वाचन विभाग ने अब साफ कर दिया है कि मतदाता सूची में एक ही नाम कई बार प्रदर्शित होने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि वह एक ही व्यक्ति का नाम है। फिलहाल, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
आपकी राय: क्या मतदाता सूची में एक जैसे नाम होने पर होने वाली इस तरह की गफलत को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग को कोई नया तकनीकी नियम बनाना चाहिए? अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं!


