आजमगढ़ (सिधारी): एक तरफ जहां सरकार राजस्व बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ आजमगढ़ के सिधारी इलाके से वन विभाग की घोर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिधारी में पिछले कई महीनों से कटी हुई लकड़ियों के भारी-भरकम बोट खुले आसमान के नीचे पड़े-पड़े सड़ांध की भेंट चढ़ रहे हैं। रखरखाव के अभाव और प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह सरकारी संपत्ति अब पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर है।
स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, बारिश और लगातार नमी के संपर्क में आने से लकड़ियां तेजी से गल रही हैं। लंबे समय से उठान न होने के कारण इन लकड़ियों के आसपास अब घनी झाड़ियां भी उग आई हैं। आरोप है कि मौके पर तैनात विभागीय कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी आंखें मूंदे बैठे हैं। विभाग की इस उदासीनता से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
लाखों रुपये के राजस्व को चूना लगने का खतरा: खुले में पड़ी कीमती लकड़ियों के खराब होने से वन विभाग को भारी राजस्व नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। अगर समय रहते इन्हें नीलाम या सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट नहीं किया गया, तो सरकार को सीधे तौर पर आर्थिक चपत लगेगी। स्थानीय निवासियों ने विभागीय उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर लकड़ियों को सुरक्षित कराया जाए और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई हो।
आजमगढ़ टाइम्स की राय: सरकारी संपत्ति का इस तरह खुले में सड़ना सीधे तौर पर जनता के पैसे और संसाधनों की बर्बादी है। क्या आपको लगता है कि लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सीधे पेनल्टी लगानी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें!
