आजमगढ़। जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। इब्राहिमपुर गांव में एक 11 वर्षीय मासूम को कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, इब्राहिमपुर गांव के निवासी रिजवान ने पुलिस को दी गई तहरीर में रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप लगाया है। रिजवान का कहना है कि बीते 18 अक्तूबर को उनका 11 वर्षीय पुत्र नूर घर के बाहर खेल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला तहजीब उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
कमरे में कैद कर छिड़का पेट्रोल
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी तहजीब ने मासूम नूर को एक कमरे में बंद कर दिया और अपनी गाड़ी से पेट्रोल निकालकर उसके ऊपर छिड़क दिया। आरोप है कि उसने जान से मारने की नियत से बालक को आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद उसे आग की लपटों से बाहर निकाला।
हालत गंभीर, जांच में जुटी पुलिस
परिजनों ने आनन-फानन में नूर को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इलाज के बाद बालक को गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन वह अभी भी सदमे में है।
क्या कहती है पुलिस?
मुबारकपुर थानाध्यक्ष शशिचंद्र चौधरी ने बताया कि पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी तहजीब के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।
आजमगढ़ टाइम्स की राय: समाज में बढ़ती इस तरह की हिंसक प्रवृत्तियां चिंताजनक हैं, खासकर जब मासूम बच्चे इसका शिकार हों। पुलिस को इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी जुर्रत न कर सके।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए कानून में और भी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
