आजमगढ़। जनपद में शारदीय नवरात्र और विजयादशमी के पावन अवसर पर रामलीला मंचन की भव्यता देखते ही बन रही है। शहर के पुरानी कोतवाली स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कलाकारों द्वारा प्रभु श्री राम की लीलाओं का जीवंत और मनमोहक मंचन किया जा रहा है। जैसे ही मंच पर ‘लंका दहन’ का दृश्य प्रस्तुत किया गया, समूचा पंडाल ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला मंचन के दौरान कलाकारों ने भगवान श्री राम द्वारा समुद्र तट पर रामेश्वरम शिवलिंग की स्थापना और वानर सेना द्वारा सेतु निर्माण के प्रसंग का बेहद सजीव चित्रण किया। नल-नील द्वारा पत्थरों पर ‘राम’ नाम लिखकर समुद्र पर तैरने और विशाल सेतु तैयार करने के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और दर्शक देर रात तक डटे रहे।
इसके पश्चात पवनपुत्र हनुमान द्वारा रावण की स्वर्णमयी लंका में आग लगाने और राक्षसी सेना के अहंकार को चूर-चूर करने का दृश्य देखकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग श्रद्धा और उत्साह से झूम उठे। चारों तरफ धर्म की अधर्म पर विजय के प्रतीक स्वरूप जमकर तालियां बजीं और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि आगामी विजयदशमी मेले तक कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हो सके।
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