Sat, Nov 7, 2026 Updated 07:50 AM IST
अपना इलाका

आजमगढ़ में मौत के सौदागरों पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा प्रहार: बिलरियागंज में 3 अवैध अस्पताल सील, NICU देख उड़े अधिकारियों के होश!

2 weeks पहले

आजमगढ़। जनपद में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अपना डंडा चला दिया है। आजमगढ़ टाइम्स को मिली जानकारी के मुताबिक, बिलरियागंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर उन दुकानों को बंद कर दिया है जो बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे थे। इस बड़ी कार्रवाई से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) एनआर वर्मा के कड़े निर्देशों पर डिप्टी सीएमओ doctor मोहनलाल और पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ल की विशेष टीम ने बिलरियागंज पुलिस के साथ मिलकर यह छापेमारी की। जांच के दौरान तीन निजी अस्पताल पूरी तरह से अपंजीकृत (Unregistered) पाए गए, जिन्हें मौके पर ही सील कर दिया गया। विभाग ने पूरी कार्रवाई की वीडियो और फोटोग्राफी भी कराई है ताकि कानून के शिकंजे से कोई बच न सके।सपना पॉलीक्लिनिक: मरीजों की जान जोखिम में डाल चल रहा था इलाज
जांच टीम जब बिलरियागंज स्थित सपना पॉलीक्लिनिक पहुंची, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल रहे इस क्लिनिक में कथित तौर पर 2 मरीज भर्ती मिले। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल दोनों मरीजों को समझा-बुझाकर बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल शिफ्ट कराया। इसके बाद टीम ने पॉलीक्लिनिक की ओपीडी और 4 बेड वाले वार्ड को पूरी तरह सील कर दिया।देवांश हॉस्पिटल: टीम को देख जड़ा ताला, लेकिन नहीं बचे
कार्रवाई की भनक लगते ही देवांश हॉस्पिटल का संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो गया था। हालांकि, टीम ने हार नहीं मानी और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने पुष्टि की कि यहां अवैध रूप से अस्पताल का संचालन किया जाता है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की मौजूदगी में इस प्रतिष्ठान को भी सरकारी मुहर लगाकर बंद कर दिया गया।श्याम नर्सिंग होम: बिना लाइसेंस के चल रहा था NICU और डिलीवरी रूम
सबसे चौंकाने वाला मामला परशुरामपुर स्थित श्याम नर्सिंग होम में सामने आया। यहां बिना किसी वैध पंजीकरण के न केवल ओपीडी चल रही थी, बल्कि 3 बेड का NICU (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) और एक डिलीवरी रूम भी बना रखा था। गनीमत रही कि छापेमारी के वक्त वहां कोई मरीज नहीं था, वरना किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। टीम ने तत्काल प्रभाव से इसके ओपीडी, डिलीवरी रूम और NICU को सील कर दिया है।

सीएमओ की दो टूक: मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि
इस कार्रवाई पर ‘आजमगढ़ टाइम्स’ से बात करते हुए सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने स्पष्ट कहा कि जनपद में किसी भी सूरत में अवैध अस्पतालों को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अस्पताल नियमों के विरुद्ध या बिना रजिस्ट्रेशन के चलते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।आपकी राय: आजमगढ़ में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए इन अवैध अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को और क्या कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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