आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। आगामी दीपावली और त्योहारों के सीजन को देखते हुए आजमगढ़ पुलिस ने अवैध पटाखों और जानलेवा आतिशबाजी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस की टीम ने नगर पालिका क्षेत्र स्थित एक दुकान पर छापेमारी कर भारी मात्रा में रखे अवैध विस्फोटक का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से करीब 3.5 क्विंटल (अनुमानित कीमत 3.50 लाख रुपये) अवैध पटाखे जब्त करते हुए एक दुकानदार को धर दबोचा।
गत्तों और बोरियों में भरा था बारूद का जखीरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नगर पालिका क्षेत्र की एक दुकान में बिना किसी वैध लाइसेंस के आतिशबाजी का बड़ा स्टॉक रखा गया है। जब प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दुकान पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। दुकान के भीतर 8 बड़े गत्तों और 2 प्लास्टिक की बोरियों में ठूंस-ठूंसकर अवैध पटाखे और ज्वलनशील सामग्रियां रखी गई थीं। पुलिस ने मौके से आरोपी दुकानदार आदर्श गर्ग (35 वर्ष), पुत्र श्रीनाथ दास अग्रवाल (निवासी- कुर्मीटोला, थाना कोतवाली, आजमगढ़) को हिरासत में ले लिया।
सख्त धाराओं में केस दर्ज, पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 570/2026 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी(1)(ए)(बी) तथा बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 287 और 288 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है; वर्ष 2024 में उसके खिलाफ थाना रानी की सराय में सड़क दुर्घटना से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।
टीम में शामिल रहे ये अधिकारी
इस पूरी छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के साथ पहाड़पुर चौकी प्रभारी, सिविल लाइन चौकी प्रभारी, एलवल चौकी प्रभारी और कोतवाली पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आबादी वाले इलाकों में अवैध पटाखों का भंडारण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
आजमगढ़ टाइम्स सवाल: रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह अवैध पटाखों का भंडारण करना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देना है। क्या ऐसे दुकानदारों के लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर जेल भेजा जाना चाहिए? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर दें!
