आजमगढ़। जनपद के मौसम में इन दिनों गजब का विरोधाभास देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 20 अक्टूबर की सुबह जहां हल्के कोहरे की चादर के साथ हुई, वहीं दिन चढ़ते ही सूरज के कड़े तेवरों ने लोगों को उमस से बेहाल कर दिया। ‘आजमगढ़ टाइम्स’ की पड़ताल में सामने आया है कि जिले के तापमान में आ रहे इस उतार-चढ़ाव ने आम जनजीवन की लय बिगाड़ दी है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो आज जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जबकि न्यूनतम पारा लुढ़ककर 19 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। स्थिति यह है कि दिन में लोग गर्मी और उमस से जूझ रहे हैं, तो वहीं सूरज ढलते ही रात में ठंडक का एहसास होने लगा है। हालांकि, बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं ने राहगीरों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन आज बारिश होने की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
सेहत पर पड़ रहा भारी, बारिश का भी अलर्ट: मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव ने मौसमी बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। डॉक्टरों की मानें तो दिन और रात के तापमान में करीब 13 डिग्री का यह अंतर शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है। वहीं, मौसम विभाग के विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों के भीतर आजमगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे पारा और गिरेगा।
उफान पर घाघरा, प्रशासन अलर्ट मोड पर: पिछले दिनों हुई बारिश का असर अब नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती और संवेदनशील इलाकों में चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने खुद प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया है। डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे 24 घंटे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।
आपकी राय: क्या आपके इलाके में भी घाघरा नदी का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है? बदलते मौसम में आप अपनी सेहत का ख्याल कैसे रख रहे हैं? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।


