Sun, Nov 8, 2026 Updated 12:55 AM IST
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आजमगढ़ में खूनी रंजिश: मेले में बीच-बचाव करने पर युवक को मारी थी गोली, पुलिस के हत्थे चढ़ा ‘गुनहगार’!

6 days पहले

आजमगढ़। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मेले में मामूली विवाद के बाद एक 18 वर्षीय युवक को जान से मारने की नीयत से गोली मारने वाले वांछित आरोपी को पुलिस ने मोजरापुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी वारदात के बाद से ही पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था।

क्या था पूरा मामला?
घटनाक्रम की शुरुआत बीती 27 अक्टूबर को हुई थी, जब ककरहटा गांव के रहने वाले इंद्रदेव यादव के पुत्र निखिल यादव (18 वर्ष) गांव के पास लगे एक मेले में घूमने गए थे। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, वहां सौरभ यादव और अजीत यादव के बीच तीखी गाली-गलौज हो रही थी। निखिल ने इंसानियत दिखाते हुए बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग करा दिया था। लेकिन यही ‘बीच-बचाव’ आरोपी पक्ष को नागवार गुजरी और उन्होंने इसे अपनी निजी रंजिश बना लिया।

धोखे से बुलाया और दाग दी गोली
आरोप है कि विवाद के बाद सौरभ यादव ने कथित तौर पर निखिल को फोन कर बातचीत के बहाने बुलाया। जब निखिल वहां से वापस लौट रहा था, तभी उसे जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी गई। गोली निखिल की दाहिनी जांघ में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा। आनन-फानन में घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी
आजमगढ़ कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 560/2026 के तहत बीएनएस की धारा 109(1) में केस दर्ज किया था। विवेचना के दौरान इस खूनी खेल में शरद यादव (28 वर्ष), पुत्र स्व. वीरेंद्र यादव (निवासी मनचोभा, थाना कोतवाली) का नाम प्रमुखता से सामने आया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को मोजरापुर से शरद यादव को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 3(5) की भी बढ़ोतरी की है और आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

आजमगढ़ टाइम्स सवाल: आज के दौर में मामूली विवादों में असलहे निकल आना बेहद चिंताजनक है। क्या आपको लगता है कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और युवाओं में घटता धैर्य ही ऐसे अपराधों की मुख्य जड़ है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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