आजमगढ़: जनपद में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए खून की होली खेली है। आजमगढ़ के ग्रामीण अंचल में रंजिश और वर्चस्व की आग ने एक युवक की जान ले ली। मिली जानकारी के अनुसार, मुकेश यादव नामक युवक की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख सहित कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। आरोप है कि हमलावरों ने घात लगाकर मुकेश पर हमला किया और लोहे की रॉड से उसके शरीर पर तब तक वार किए, जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह पूरा मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। कथित तौर पर राजनीतिक रसूख और आपसी विवाद के चलते इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। फिलहाल गांव में एहतियातन सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
आजमगढ़ टाइम्स की विशेष रिपोर्ट: जिले में बढ़ती हिंसक घटनाएं पुलिस के इकबाल पर सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं। जब रसूखदार और रसूख से जुड़े लोग ही कानून को अपने हाथ में लेने लगें, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे ही नजर आती है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इन नामजद आरोपियों को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे भेजता है।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ही अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
