आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले में बेखौफ घूम रहे अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र में सोमवार की भोर में पुलिस और शातिर बदमाशों के बीच तीखी मुठभेड़ हो गई। देउरपुर से कोयलसा मार्ग पर जफरामऊ बाग तिराहे के पास हुई इस कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के दो शातिर आरोपी घायल हो गए। दोनों के बाएं पैर में गोली लगी है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल भिजवाया।पकड़े गए बदमाशों की पहचान शहर कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मस्थान कोइरान निवासी दीपक उर्फ देवदत्त गोड (28 वर्ष) और हीरापट्टी के रहने वाले दिनेश कुमार उर्फ लकी (35 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपियों का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दीपक के खिलाफ 13 और दिनेश के खिलाफ 16 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन पर आजमगढ़ के अलावा मऊ और गाजीपुर जिलों में भी चोरी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।चेकिंग के दौरान घेराबंदी, बदमाशों ने झोंकी फायरिंग
थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि रविवार की रात वह टीम के साथ जफरामऊ बाग तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ऑटो आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब ऑटो रोकने का इशारा किया तो चालक ने गति बढ़ा दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रोकने का प्रयास किया तो ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रुक गया। ऑटो में सवार दोनों बदमाशों ने उतरकर कथित तौर पर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। खाकी ने भी पुलिस बल की सुरक्षा में आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई।जेल में हुई थी मुलाकात, फिर रचा चोरी का ताना-बाना
पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दोनों आरोपी पुराने साथी हैं। जेल से रिहा होने के बाद कचहरी में तारीखों के दौरान इनकी दोबारा मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों ने फिर से अपराध की दुनिया में कदम रखा। वे ऑटो से घूम-घूमकर बंद और मालदार घरों की रेकी करते थे और रात में चोरी को अंजाम देकर माल आपस में बांट लेते थे। हाल ही में उन्होंने एकडंगी गांव में एक घर से आभूषण और नकदी चोरी की थी। दिनेश ने चोरी के आभूषण एक गुप्त स्थान पर छिपाए थे। दोनों वही माल उठाने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही पुलिस से मुठभेड़ हो गई।2011 से अपराध की दुनिया में सक्रिय, बरामद हुए असलहे
पुलिस के अनुसार, दिनेश का आपराधिक इतिहास साल 2011 से मोटरसाइकिल चोरी से शुरू हुआ था। साल 2012 में तहबरपुर पुलिस के साथ भी मुठभेड़ में उसका नाम आया था। वहीं, साल 2020 में रौनापार क्षेत्र के भैसाड़ गांव में दो घरों में हुई बड़ी चोरी में भी दोनों नामजद रहे हैं। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और वारदात में प्रयुक्त ऑटो बरामद किया है। फील्ड यूनिट साक्ष्य जुटा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।आपकी राय: आजमगढ़ में लगातार हो रहे एनकाउंटर और पुलिस की इस सख्त कार्रवाई पर आपकी क्या राय है? क्या इससे जिले में अपराध पर पूरी तरह लगाम लग पाएगी? नीचे कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें!


