आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुजफ्फरपुर गांव में जमीनी विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। अदालत में विचाराधीन जमीन पर कथित रूप से जबरन खुदाई का विरोध करने पर दबंगों ने मां-बेटे को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट दिया। इस हमले में युवक का सिर फटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसकी मां के पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीते 17 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे की है। मुजफ्फरपुर गांव निवासी कौशल्या देवी (पत्नी हरिकुअर यादव) ने आरोप लगाया कि उनके गांव के ही राम प्रसाद मौर्य उनके खेत में कुदाल और फावड़े से अवैध रूप से खुदाई कर रहे थे। जब कौशल्या देवी ने इस पर आपत्ति जताई और विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए और गाली-गलौज करने लगे।
पीड़िता का आरोप है कि देखते ही देखते राम प्रसाद मौर्य के साथ राहुल रोशन, जीवन मौर्य, गुड्डू, राजू, आशुतोष और संतोष समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट में कौशल्या देवी के बेटे दिव्यांशु यादव के सिर पर गंभीर चोट आई और उसका सिर फट गया। वहीं बचाव में आई कौशल्या देवी के पैर में भी चोट लगी है। घटना के तुरंत बाद लहूलुहान युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल आजमगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।
कौशल्या देवी ने बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ, उसका मुकदमा पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद आरोपी दबंगई के बल पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की ओर से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इस पूरी घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
मामले की नजाकत को देखते हुए कंधरापुर थाना पुलिस ने कौशल्या देवी की तहरीर पर नामजद सात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की बारीकी से छानबीन की जा रही है और जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: जब जमीनी विवाद का मामला पहले से ही अदालत में लंबित हो, तब भी इस तरह की दबंगई और हिंसा होना कहां तक जायज है? क्या ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस को और सख्त कदम नहीं उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें।


