आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। जिले की खाकी ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। फूलपुर थाना पुलिस और विशेष अपराध नियंत्रण टीम की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय गोवध व अन्य संगीन अपराधों में संलिप्त दो शातिर इनामी गैंगस्टरों को धर दबोचा गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में से सज्जाद पर 50 हजार और सलमान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने सतुवहिया पुलिया के पास घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सलमान (पुत्र फिरोज) और सज्जाद (पुत्र अजीज) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी अहरौला थाना क्षेत्र के ग्राम पीठापुर के मूल निवासी हैं।
मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी (फूलपुर) भूपेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर गोवध और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने पर पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी सलमान के खिलाफ आजमगढ़, अंबेडकरनगर, जौनपुर, संतकबीर नगर, मऊ, गोंडा, प्रतापगढ़ और देवरिया सहित विभिन्न जनपदों में कुल 36 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मामले शामिल हैं।
वहीं, दूसरे आरोपी सज्जाद के खिलाफ हत्या के प्रयास, गोवध निवारण, धमकी और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित 11 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से फरार चल रहे थे। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में फूलपुर थाना प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह और विशेष अपराध नियंत्रण टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक सच्चिदानंद यादव अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे। पुलिस दोनों अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।

पाठकों से सवाल: आजमगढ़ पुलिस द्वारा इनामी और संगीन अपराधियों के खिलाफ की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे अंतरजनपदीय गिरोहों पर और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!


