आजमगढ़ (कप्तानगंज)। प्रकाश के पावन पर्व दिवाली के आगाज के साथ ही आजमगढ़ जिले के महराजगंज और आसपास के प्रमुख बाजारों में धनतेरस के अवसर पर खरीदारों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह से ही बर्तन, कपड़े और झाड़ू की दुकानों पर लोगों की चहल-पहल बनी रही। परंपरा को कायम रखते हुए ग्रामीणों व स्थानीय निवासियों ने अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी तो की, लेकिन इस बार सर्राफा बाजार में छाई खामोशी ने महंगाई के तल्ख सच को उजागर कर दिया।
स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सोने और चांदी की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा है। ज्वेलरी शोरूम्स पर पहुंचे ग्राहक खरीदारी करने से पहले कई बार कीमतों का गणित बिठाते नजर आए। भारी-भरकम और कीमती आभूषणों की मांग में भारी गिरावट देखी गई, जबकि अधिकांश लोग सिर्फ परंपरा निभाने के लिए छोटे आभूषण या चांदी के सिक्के ही खरीदते दिखे।
उधर, स्टील, पीतल और अन्य धातुओं के बर्तनों के साथ-साथ धनतेरस पर शुभ मानी जाने वाली झाड़ू की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी आवाजाही दर्ज की गई। बाजार के व्यापारियों के मुताबिक, इस वर्ष महंगाई की मार पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी महसूस की जा रही है। रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दामों ने आम परिवार का बजट बिगाड़ दिया है, जिससे लोग केवल अति-आवश्यक सामानों पर ही खर्च कर रहे हैं।
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