आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद की चौखट तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर मुहिम तेज हो गई है। जिले के तरवां ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत तितरा में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर एक अहम जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांव के अंतिम व्यक्ति को उसके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की सटीक प्रक्रिया से रूबरू कराना रहा।
बैठक के दौरान जननायक भगवान बिरसा मुंडा की स्मृतियों और उनसे जुड़े अभियानों की जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत अब तक छूटे हुए परिवारों को जोड़ने की रणनीति पर मंथन हुआ। चर्चा की गई कि कैसे वंचित परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका के साधन मजबूत किए जा सकते हैं।
चौपाल में मौजूद ग्राम प्रधान माया देवी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पंचायत के कई परिवार अब तक एनआरएलएम जैसी महत्वपूर्ण योजना से बाहर हैं। प्रधान ने जोर देकर कहा कि ऐसे सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर समूह से जोड़ा जाएगा, ताकि गांव की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
इस बैठक में ग्रामीणों को वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बारीक जानकारियां दी गईं। अधिकारियों और जिम्मेदारों ने ग्रामीणों को पात्रता के नियम बताए और आवेदन प्रक्रिया के दौरान आने वाली कागजी समस्याओं के तुरंत समाधान का रास्ता भी सुझाया।
जन-जागरूकता के इस मंच पर गांव के हरकेश राम, सुनील, प्रेम देवी, शीला देवी, हंसराज, पुजारी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का मकसद स्पष्ट था—ग्राम स्तर पर सामुदायिक पहल करके हर पात्र व्यक्ति को उसका हक दिलाना।
आजमगढ़ टाइम्स का पाठकों से सवाल:
क्या आपके गांव में भी सरकारी योजनाओं (जैसे पेंशन, किसान सम्मान निधि या राशन कार्ड) का लाभ सही समय पर मिल पा रहा है या आपको भी आवेदन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय और अनुभव जरूर दर्ज करें!
