आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स): जिले के पल्हना क्षेत्र स्थित राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डूभाव में शनिवार को तीन दिवसीय स्काउट-गाइड प्रवेश कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। इस दौरान बेटियों को न सिर्फ स्वावलंबी बनने का पाठ पढ़ाया गया, बल्कि आज के दौर के सबसे बड़े ऑनलाइन खतरे—’डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर क्राइम से निपटने के कड़े गुर भी सिखाए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सूरज तिवारी ने ‘मिशन शक्ति’ (फेज-6) के तहत छात्राओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी परिस्थिति में कोई समस्या या संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो बिना डरे और बिना झिझक के तत्काल पुलिस की मदद लें। प्रशासन बेटियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
आजकल तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की जा रही ऑनलाइन ठगी पर चिंता जताते हुए मुख्य अतिथि ने छात्राओं को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि किस तरह साइबर अपराधी फर्जी पुलिस या जांच एजेंसी का डर दिखाकर लोगों को मानसिक रूप से बंधक बनाते हैं। इसके अलावा, उन्होंने छात्राओं की शिक्षा और करियर से जुड़ी कई जिज्ञासाओं को शांत किया और उन्हें निडर होकर अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति की नोडल सरोज, स्काउट ट्रेनर अकबर, अभिषेक चौहान, अमित चौबे, पन्नालाल, आनंद, आलोक केसरी, दृष्टि, अर्पिता, यासीन अंसारी, सरफराज, सुंदर और सुनैना समेत कई गणमान्य लोग और छात्राएं मौजूद रहीं।
आजमगढ़ टाइम्स की जन-अदालत: क्या आपको लगता है कि स्कूलों में साइबर क्राइम और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे विषयों पर दी जा रही यह जानकारी बच्चों और उनके परिवारों को ठगी से बचाने में कारगर साबित होगी? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें!
