Sat, Nov 7, 2026 Updated 11:55 PM IST
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आजमगढ़ के हरैया में धनतेरस की चमक पर पड़ा ‘महंगाई’ और ‘अर्णव’ का साया! बर्तनों की खरीदारी तेज, जेवरों का बाजार पड़ा सुस्त

19 hours पहले

आजमगढ़। धनतेरस के पावन अवसर पर आजमगढ़ जिले की सगड़ी तहसील अंतर्गत हरैया ब्लॉक के प्रमुख बाजारों में शुक्रवार को खरीदारों की खासी चहल-पहल देखने को मिली। चांदपट्टी, रौनापार, बाजार गोसाई, बेलकुंडा और बनकटा समेत तमाम छोटे-बड़े बाजारों में सुबह से ही ग्रामीण और स्थानीय लोग खरीदारी के लिए उमड़ पड़े। हालांकि, इस बार बाजार का मिजाज थोड़ा बदला-बदला नजर आया।

दुकानदारों ने त्योहार को लेकर पहले से ही बर्तनों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों और आभूषणों की दुकानें सजा रखी थीं। शाम ढलते ही बाजारों में रौनक और बढ़ गई, लेकिन सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों ने आभूषण विक्रेताओं की उम्मीदों पर थोड़ा पानी जरूर फेर दिया। क्षेत्र के आभूषण व्यापारी देवव्रत वर्मा के अनुसार, ग्राहकों ने जेवरों की खरीदारी तो की, लेकिन सोने-चांदी के बढ़ते दामों के कारण पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बिक्री काफी कम रही। लोग केवल अपनी तात्कालिक जरूरत और बजट के हिसाब से ही आभूषणों की खरीदारी करते दिखे।

दूसरी ओर, बर्तनों के बाजार में अच्छी-खासी रौनक दर्ज की गई। बर्तन व्यापारी संजय ठठेर ने बताया कि परंपरा और जरूरत के मुताबिक लोगों ने अलग-अलग धातुओं के बर्तनों की जमकर खरीदारी की, जिससे बर्तन कारोबारियों के चेहरे खिले रहे। देर रात तक बाजारों में रौनक बने रहने की उम्मीद जताई जा रही थी।

अर्णव तूफान और बारिश ने बिगाड़ा किसानों का बजट:
बाजार में आई इस सुस्ती का एक बड़ा कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा मौसम का थपेड़ा भी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिनों आए ‘अर्णव’ चक्रवाती तूफान के असर से हुई झमाझम बारिश ने धान समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। फसलें तबाह होने से किसानों की कमर टूट गई है, जिसका सीधा असर उनके त्योहार के बजट पर दिखाई दिया। सुनील कुमार, केशव राम, जगजीवन और रामविलास समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कृषि संकट के कारण इस बार लोगों ने धनतेरस पर हाथ खींचकर ही खर्च किया।

आपकी क्या राय है? क्या सोने-चांदी के बढ़ते दामों और फसलों के नुकसान ने आपके इलाके में भी धनतेरस की खरीदारी को प्रभावित किया है? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!

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