आजमगढ़: जनपद के फूलपुर कस्बे में इस बार विजयदशमी का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। ‘आजमगढ़ टाइम्स’ की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, फूलपुर में अधर्म के प्रतीक रावण के दहन की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस साल रावण का पुतला आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिसकी ऊंचाई लगभग 45 फुट बताई जा रही है।
कारीगरों ने दिन-रात एक कर तैयार किया पुतला: स्थानीय रामलीला मैदान में रावण के इस विशालकाय पुतले को अंतिम रूप दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि कारीगरों ने पिछले कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया है। 45 फुट ऊंचे इस रावण को देखने के लिए अभी से ही आस-पास के गांवों के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति के मुताबिक, दहन के दौरान आतिशबाजी का भी विशेष प्रबंध किया गया है, जो इस आयोजन को और भी यादगार बनाएगा।
सुरक्षा और रूट डायवर्जन पर पैनी नजर: भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कथित तौर पर, मेले में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही, यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए रूट डायवर्जन लागू करने की भी सूचना है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
परंपरा और आस्था का संगम: फूलपुर की रामलीला का अपना एक पुराना इतिहास रहा है। लंका दहन के बाद अब रावण वध की तैयारी है। जैसे ही श्रीराम का बाण रावण के पुतले को लगेगा, पूरा आकाश जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केवल एक पुतला दहन नहीं, बल्कि समाज से बुराइयों को खत्म करने का एक संकल्प है।
आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि पुतला दहन के साथ-साथ हमें अपने भीतर की बुराइयों का भी अंत करने की जरूरत है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें।


