आजमगढ़ (आजमगढ़ टाइम्स)। पूर्वांचल के राजनीतिक गढ़ आजमगढ़ की फिज़ा में 2027 के विधानसभा चुनाव की तपिश अभी से महसूस होने लगी है। रविवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की कार्यकर्ता बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सियासी विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। राजभर ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आगामी 29 नवंबर 2026 को जहानागंज में सामाजिक समरसता महारैली का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व समेत एनडीए के बड़े दिग्गजों का जमावड़ा लगेगा। उन्होंने दावा किया कि यह रैली आजमगढ़ की धरती पर एनडीए का असली राजनीतिक सामर्थ्य दिखाएगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर राजभर ने तीखा पलटवार किया। अखिलेश यादव के एक व्यक्ति के 10 जगह नाम दर्ज होने के दावे को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख पूरी तरह से कथित फर्जी सूची लेकर घूम रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का बचाव करते हुए मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर सरकारी बीएलओ (BLO) स्तर पर कोई गड़बड़ी थी, तो उस वक्त राजनीतिक दलों के बूथ प्रतिनिधि क्या कर रहे थे? उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मतदाता सूची के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच होना बेहद जरूरी है।
आगामी पंचायत चुनाव और एनडीए में सीटों के तालमेल पर सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल संगठन के स्तर पर जमीनी तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि दशहरा मेले के तुरंत बाद होने वाली बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और सीटों के आधिकारिक बंटवारे का फैसला चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगा। इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया कि 2027 में एक बार फिर प्रदेश में एनडीए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा।
गौरतलब है कि आजमगढ़ में अपने जनाधार और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने के लिए ओमप्रकाश राजभर लगातार आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। इससे पहले भी वह अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के अहिरौला में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित कर चुके हैं। ऐसे में अब राजनीतिक जानकारों की नजरें 29 नवंबर को जहानागंज में होने वाली इस महारैली पर टिकी हैं, जिसे चुनाव से पहले एनडीए का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
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