आजमगढ़ के रौनापार थाने में शनिवार देर शाम उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब दर्जनों ग्रामीण सीधे लाश लेकर थाने के गेट पर पहुंच गए! चंडीगढ़ से आजमगढ़ थाने में आत्मसमर्पण यानी सरेंडर करने आ रहे एक व्यक्ति की रास्ते में संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने विपक्षियों पर प्रताड़ना और धमकी का सनसनीखेज आरोप जड़ दिया है!
पूरा मामला रौनापार थाना क्षेत्र के भदौरा मकरंद गांव का है। मृतक के बेटे शैलेंद्र यादव ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया है कि जमीनी विवाद को लेकर शाहडीह गांव निवासी फूलबदन निषाद, कौशिल्या देवी और रामबदल निषाद ने उनके पिता शिवकुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और लगातार धमकियां देकर सरेंडर करने का भारी दबाव बना रहे थे, जिससे वे गहरे मानसिक तनाव में थे।
तहरीर के मुताबिक, 16 अक्टूबर को शिवकुमार यादव चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़कर रौनापार थाने में आत्मसमर्पण करने के लिए आजमगढ़ आ रहे थे, लेकिन इसी दौरान लखनऊ में रास्ते में ही संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई!
लखनऊ में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार देर शाम जब शव आजमगढ़ पहुंचा, तो आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव को सीधे रौनापार थाने ले आए और विपक्षियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। अचानक थाने पर शव पहुंचने से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और तहरीर के आधार पर मौत के कारणों और आरोपों की गहन जांच शुरू कर दी है।
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