आजमगढ। त्योहार के उल्लास के बीच जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। फूलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में सोमवार की रात दुर्गा पूजा पंडाल के पास उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसार गया है और पर्व की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान जगदीशपुर गांव के पूर्व प्रधान बागेश्वर यादव के 12 वर्षीय पौत्र श्रेयांस यादव के रूप में हुई है। सोमवार की रात श्रेयांस अपने घर के पास स्थित दुर्गा पूजा पंडाल के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि खेलने के दौरान वह कथित तौर पर पंडाल में लगे किसी खुले बिजली के तार या कट आउट उपकरण के संपर्क में आ गया, जिससे उसे जोरदार करंट लगा और वह अचेत होकर गिर पड़ा।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाई और मासूम को बचाने की कोशिश की। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सार्वजनिक पूजा पंडालों में बिजली के खुले तारों और सुरक्षा इंतज़ामों में लापरवाही को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पंडालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।
आजमगढ़ टाइम्स का सवाल: पूजा पंडालों में बिजली की खुली वायरिंग और सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं? अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं।


