Fri, Nov 6, 2026 Updated 07:21 PM IST
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आजमगढ़ की जीवनदायिनी ‘तमसा’ को बचाने का महाशंखनाद: दुर्वासा धाम से बलिया तक निकलेगी जन-जागरण यात्रा, प्लास्टिक मुक्त नदी का संकल्प

5 days पहले

आजमगढ़: हमारी आस्था और अस्तित्व की प्रतीक तमसा नदी को प्रदूषण के चंगुल से मुक्त कराने के लिए एक बड़े अभियान का आगाज हो गया है। मिर्जापुर ब्लॉक स्थित सुप्रसिद्ध ऋषि दुर्वासा धाम से ‘तमसा बचाओ जन जागरण यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस यात्रा की शुरुआत से पहले तमसा-मंजूषा संगम पर भव्य पूजन और आरती की गई, जिसमें नदी की मर्यादा और स्वच्छता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने जनसमूह को संबोधित करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि तमसा और मंजूषा को हमने माता का दर्जा दिया है, लेकिन आज ये नदियां मानवीय लापरवाही का शिकार हो रही हैं। पाठक ने लोगों से आग्रह किया कि वे नदी में कूड़ा, प्लास्टिक, शीशा या अन्य कोई भी अपशिष्ट न फेंकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदी को बचाने के लिए सरकारी प्रयासों से कहीं अधिक जन-जागरूकता की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री श्री 108 शुभम दास महाराज ने की।

गोरखपुर प्रांत के संयोजक राजकिशोर मिश्र ने यात्रा के मार्ग की जानकारी देते हुए बताया कि यह जन-जागरण अभियान ऋषि दुर्वासा धाम से प्रस्थान कर द्रोणाचार्य, दत्तात्रेय और सिधारी होते हुए मऊ और बलिया तक जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल और वायु प्रदूषण पूरे जनजीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। तमसा नदी जिस तरह से प्रदूषित हो रही है, उसे रोकने के लिए अब हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे। इनमें गंगा समग्र आजमगढ़ के विभाग संरक्षक पंडित सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुंदन’, अजय राय, दिलीप शर्मा, डॉ. एच.एन. पाठक और सच्चिदानंद शर्मा प्रमुख थे। साथ ही रसड़ा से पवन कुमार सिंह, बलिया से घनश्याम उपाध्याय, लालगंज से विवेक मिश्रा और आजमगढ़ से महंत संजय पांडे सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

स्थानीय स्तर पर इस मुहिम को सफल बनाने के लिए फूलपुर के सहसंयोजक रणजीत सिंह, राम कवल तिवारी, प्रेमचंद गिरी, प्रधान प्रतिनिधि रुपेश यादव, सुनील राय और नीरज गिरी सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में तमसा को प्रदूषण मुक्त बनाने और इसके प्राचीन गौरव को वापस लाने की शपथ ली।

आजमगढ़ टाइम्स की राय: क्या आपको लगता है कि केवल जन-जागरण यात्राओं से हमारी नदियां साफ हो जाएंगी, या प्रशासन को नदियों में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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